Anupama Written Update Today: अनुपमा 2 सितम्बर 2023 Latest Written Update

अनुपमा के आज के एपिसोड में आप देखेंगे की काव्या ने कल जो अपने बच्चे के बारे में खुलासा किया था उसकी गूंज आज भी शाह हाउस में सुनाई दे रही है!अनुपमा अभी भी बा को समझाते हुए नजर आती है! क्या अनुपमा कर पायेगी बा का गुस्सा शांत ? क्या आज बा कर पायेगी काव्य को माफ़ हम ये सब आगे देखेंगे आज के एपिसोड में |

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Anupama Written Update Today 2nd Sep 2023
@Hotstar


अनुपमा सुबकती हुई बा को समझाने की कोशिश करती है वो बा से बोलती है कि उबलते पानी में चेहरा नहीं देखा जा सकता है चेहरा देखने के लिए पानी के ठंडा होने का इंतजार करना होगा। वह बा को इंतजार करने के लिए कहती है और कहती है कि आप गुस्से में हैं और इसलिए काव्या की स्थिति को समझ नहीं पा रही है आप शांत हो जाओ फिर शांति से निर्णय लेने के लिए कहती है, क्योंकि यह आपका घर है और यह आपका अधिकार है। बा पूछती है कि जब तुम्हें धोखा दिया गया था, तो क्या तुम उस धोखे के साथ रह जाती? जब तोशु ने किंजल को धोखा दिया तो क्या उसने उसे पति का अधिकार दे दिया? वह कहती है कि इस परिवार को धोखा दिया गया है,फिर हम काव्या को बहू का अधिकार क्यों देंगे? वह आगे कहती है कि हम यहां नहीं रहना चाहते, मैं मर जाऊंगी लेकिन उसके बच्चे को स्वीकार नहीं करूंगी। वह कहती है कि मुझे काव्या और इसके बच्चे से नफरत है और मैं इसका चेहरा नहीं देखना चाहती। वह कहती है कि नवजात शिशु भगवान का अवतार है, लेकिन इस बच्चे में एक पापी का प्रतिबिंब है और कहती है कि अगर मैं इस बच्चे को स्वीकार नहीं कर रही हूं, तो यह मेरी नहीं बल्कि काव्या की गलती है।
फिर अनुपमा बा से कहती है कि आप सही कह रहे हैं बा, आपके पास काव्या से नफरत करने का कारण और अधिकार भी है, लेकिन जो कुछ भी गया है वह काव्या द्वारा किया गया है, इसमें बच्चे की क्या गलती है, वह तो अभी तक पैदा भी नहीं हुआ है। वह कहती है कि आप काव्या को कुछ भी बोलो, लेकिन इस बच्चे को शाप मत दो। वह कहती है कि भले यह हमारा नहीं है, यह किसी का लेकिन बच्चा तो बच्चा होता है। वह कहती हैं कि गलती तो हमेशा बड़े करते हैं और फिर सजा बच्चों को मिलती है। वह सुबकते हुए कहती है, गलती अंकुश ने की थी और सजा रोमिल को मिल रही है। वह कहती है,और यहाँ भी गलती काव्या ने की है लेकिन आप सजा इस बच्चे को दे रही हैं?ये गलत है बा। वह कहती है कि आप कहते थे कि अच्छी चीजें पढ़ी जाएंगी और धार्मिक किताबें पढ़ाई जाएंगी ताकि बच्चे को अच्छे संस्कार मिलें,लेकिन हम इस बच्चे को कौन से संस्कार दे रहे हैं? वह पूछती है कि क्या हम चाहते हैं कि यह बच्चा डरा हुआ पैदा हो और क्या वह काव्या के डर और बा की नफरत के साथ पैदा हो, और पूछती है कि क्या हम सभी चाहते हैं कि ये बच्चा इसी तरह पैदा हो। वह बा से हाथ जोड़कर पूछती है क्या आप भी ऐसा चाहती है बा ?
आगे हम पाखी को देखते है |

पाखी अधिक से बात कर रही होती है और कहती है कि मम्मी फिर से शाह के घर में फंस गई हैं और अब मुझे अकेले काम करना होगा। अधिक कहता है कि मैं तुम्हारी मदद करूंगा, लेकिन अनुज को अभी कुछ मत बताना, मई जनता हूँ वह मुझे बड़े दिलवाले है मुझे माफ कर देंगे। ये सब अनुज सुन रहा होता है अधिक की बाते सुनकर अनुज सोचता है कि अधिक जो कर रहा है वह (पाखी पर) हाथ उठाने से भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि जब कोई हाथ उठाता है तो कम से कम अपराध दिखाई तो देता है, लेकिन जब कोई अपने साथी के साथ छेड़छाड़ करता है तो कोई सबूत नहीं हो सकता। और अधिक भी पाखी साथ यही कर रहा है । आगे अधिक पाखी से कहता है कि सब ठीक हो जाएगा। फिर अनुज अनुपमा के बारे में सोचता है कि अनु भी फोन नहीं उठा रही है, मुझे उम्मीद है कि वहां सब कुछ ठीक हो कुछ भी ज्यादा गंभीर मसला न हो।

अनुपमा काव्या से पूछती है कि क्या वह कुछ कहना चाहती है? तो काव्या रोते हुए कहती है कि मैंने जो गलती की है, वह सबसे कमजोर क्षण था जब मैं कमजोर पड़ गई थी, और कहती है कि मैं बहुत गलत थी और फिर मैं अपनी ही नजरों में गिर गई हूँ। तभी काव्या को बीच मे रोकते हुए तोशु कहता है तो आपने झूठ बोला कि बच्चा पापा का है और आप सभी अनुष्ठानों में भी शामिल होती रही? वह काव्या से पूछता कि आपने हमें तब क्यों नहीं बताया जो ये सब आप अब बता रही है। काव्या फिर से रोते हुए कहती है कि वह नहीं कह सकती थी क्योंकि वह परिवार को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती थी। वह कहती है कि वह वनराज से और इस परिवार से बहुत प्यार करती है।

बाबू जी काव्या से पूछते हैं कि क्या यही तुम्हारा प्यार है? काव्या कहती है कि मैं उससे प्यार करती हूं इसलिए किसी से झूठ नहीं बोल सकती, अगर नहीं बताती तो किसी को पता तक नहीं चलता। वह कहती है कि आप सब इस बच्चे को परिवार मानते थे और खुश रहते थे वनराज भी खुश होता था कि वह बच्चे का पिता है, और सब कुछ वैसे ही हो जाता। वह कहती है कि मैं जानती हूं कि झूठ की बुनियाद पर प्यार टिक नहीं सकता इसीलिए मैंने उनको सच बता दिया। तभी किंजल कहती है कि आपने जब पापा को बता दिया था तो फिर हमें क्यों बताया?
काव्या कहती है कि दो कारण हैं, पहला मुझे पता है कि मैं गलत हूं और दूसरा, मैं आप सभी से बहुत प्यार करती हूं| मैंने ये सच आपलोगो को इसलिए बताया ताकि आप लोग मेरी सजा तय कर सकें। वह कहती हैं कि लोग अपराध करते हैं और सजा पाते हैं। वह सिसकते हुए कहती है उसने भी गलती किया है और वह भी सजा मांगने के लिए उनलोगो के सामने खड़ी है। वह कहती है कि तोशु वही गलती करके घर में रह रहा है, मुझसे सवाल-जवाब कर रहा है और यहां तक कि वनराज ने भी वही गलती की है। वह कहती है कि मुझे पता है कि बेटा और बहू के लिए नियम अलग-अलग हैं, लेकिन मैं आपसे मुझे माफ करने के लिए नहीं कह रही हूं, बल्कि सजा मांग रही हूं।

आगे अधिक ने पाखी के साथ कॉल समाप्त कर दिया है और बरखा को बताया कि उसने जश्न के लिए एक रेस्तरां बुक किया है, क्योंकि उसने रोमिल के कमरे में जो पैसे छिपाए है , उस वजह से वह पकड़ा जाएगा और फिर हम जश्न मनाएंगे। तभी पीछे से रोमिल की चिल्लाने की आवाज आती है रोमिल अधिक पर चिल्लाते हुए पूछता है कि तुम्हारी मेरे आईपैड पर बैठने की हिम्मत कैसे हुई? अधिक सकपकाते हुए रोमिल से पूछता है तो तुम इस बात के लिए गुस्सा थे ?उसे ये सोच कर घबरा गया था की शायद रोमिल ने उनदोनो की बाते सुन लिया है | रोमिल और भी न जाने क्या-क्या कहता है और उसे अपने आईपैड से दूर रहने के लिए कह कर चला जाता है | बरखा कहती है, भगवान का शुक्र है, उसने कुछ नहीं सुना। तो अधिक कहता है कि अगर उसने सुना होता तो क्या हो जाता? मैं उसकी हड्डियां तोड़ देता और उसे बाहर फेंक देता। वह आगे कहता है कि वह उसको ऐसे फंसाएगा कि भगवान भी उसे नहीं बचा पाएगा।

काव्या कहती है कि मैं आप सभी से बहुत प्यार करती हूं, और मैं चाहती हूँ की आपलोग मुझे एक मौका दें, लेकिन मुझे पता है कि मुझे यह नहीं मिलेगा। बा कहती हैं कि तुम्हें यहां कुछ नहीं मिलेगा। वह कहती है कि तुम्हें यहां सजा भी नहीं मिलेगी और अनुपमा से कहती काव्या से बोलो कि अपनी आजादी का थैला उठाये और और घर छोड़ दे, अपना काम करे और अपनी आजीविका कमाऐ, लेकिन हमें छोड़ दे। वह कहती है कि काव्या बहुत चालाकी से माफी मांग रही है तो अनुपमा बा से कहती है कि सभी बच्चे एक जैसे होते हैं। तो बा कहती हैं कि हम सिर्फ अपने बच्चों को पालते हैं, पड़ोसियों के बच्चों को नहीं और यह बच्चा हमारा नहीं है। वह कहती है कि इस बच्चे की मां बिल्कुल ठीक है,उसके हाथ पाँव सब काम कर रहे है इसलिए वह बाहर जाकर उसका पालन-पोषण कर सकती है, लेकिन वह नहीं जाएगी, क्योंकि उसे परिवार की जरूरत है, लेकिन इस परिवार को उसकी जरूरत नहीं है। वह गुस्से से तोशु को रिक्शा लाने के लिए कहती है और किंजल को काव्या का सामान पैक करने के लिए बोलती है| और उसे यहां से भेजने के लिए कहती है। काव्या बिलखते हुए कहती है ऐसा मत करीये।

वनराज बहुत हैरान नजर जाता है। बा वनराज से कहती है कि तुमने ही यह हमसे छुपाया है, क्या इसका मतलब ये है कि तुमने इस बच्चे को स्वीकार कर लिया है, यदि वह काव्या का पक्ष लेना चाहता है तो वह भी काव्या के साथ घर छोड़ दे, और आगे कहती है कि पाप का घड़ा यहां हमारे घर में नहीं रह सकता है। वह वनराज को दो विकल्प देती है और कहती है कि या तो काव्या को बाहर निकाल दो या उसके साथ चले जाओ।
काव्या रोती हुई वही खड़ी रहती है। बा काव्या को बेशर्म महिला की तरह खड़े न रहने के लिए कहती है और उसे जाने के लिए कहती है फिर उसका हाथ पकड़ कर बाहर की ओर ले जाने लगाती है । काव्या को रोकने के लिए अनुपमा बा का हाथ पकड़ लेती है और कहती है सॉरी बा। वह कहती है कि काव्या ने आपसे सजा मांगी और आपने उसे घर छोड़ने की सजा दे दी। वह कहती है कि काव्या ने गलती की है, लेकिन मुझे लगता है कि एक महिला होने के नाते आप उसकी स्थिति को समझेंगे, वह गर्भवती है। अगर काव्या को भविष्य में अकेले रहना है, तो उसे अकेले रहने की आदत डालनी होगी।

वह काव्या को आने के लिए कहती है। बाबू जी पूछते हैं कि तुम उसे कहाँ ले जा रहे हो। अनुपमा कहती है मेरे घर| मेरा अनुज कभी मना नहीं करेगा. वह उन्हें याद दिलाती है कि वनराज और तोशु की गलती पकड़ी गई थी, लेकिन काव्या में इसे स्वीकार करने की हिम्मत है, फिर भी वह घर छोड़ रही है।
तभी वनराज चिल्लाकर कहता है कि काव्या कहीं नहीं जाएगी। फिर बा पूछती है कि क्या तुम पागल हो गए हो? अगर तुम बच्चे को गोद लेना चाहते हो तो अनाथालय जाए । वनराज बा से कहता है कि वह प्रायश्चित कर रहा है,और कहता है कि उसने भी जीवन में बड़ी-बड़ी गलतियाँ की हैं, और उसकी सबसे बड़ी गलती अनुपमा को धोखा देना है, काव्या ने मेरे साथ जो किया वही मेरी सजा है, और यह मेरा प्रायश्चित है। वह कहता है कि अनुपमा मुझसे अलग हो गई, तब भी उसने मुझसे नफरत नहीं की बल्कि मुझे माफ कर दिया। वह कहता है कि मैं काव्या से प्यार करता हूं तो मैं उसे माफ क्यों नहीं कर सकता। वह कहता है कि आप सभी ने मुझे जीवन में दो मौके दिए, तो मैं उसे एक मौका क्यों नहीं दूंगा। वह कहते हैं,पहले मुझे लगा कि मैं इस बच्चे को कैसे स्वीकार करूंगा? वह कहते हैं, फिर मैंने छोटी अनु को अनुज और अनुपमा के साथ देखा और तब मुझे लगा कि मेरा अपना खून ही सब कुछ नहीं होता है।
फिर किंजल वनराज से पूछती है कि तो क्या आप काव्या के विश्वासघात को माफ कर देंगे। वनराज कहता है कि महिलाएं हमें (पतियों को) पूरी जिंदगी माफ कर देती हैं। वह कहता है कि अधिक ने पाखी पर हाथ उठाया था, लेकिन उसने उसे माफ कर दिया था। वह आगे बोलता है की अंकुश को भी किसी अन्य महिला से बच्चा हुआ है, लेकिन बरखा परेशान होकर भी उसके साथ रह रही है। वह कहता है कि तोशु ने किंजल को धोखा दिया, लेकिन फिर भी किंजल ने घर नहीं छोड़ा, क्या आप जानते हैं कि, जैसे एक महिला हमेशा माफ कर देती है, यह सामान्य बात है, तो आज एक पुरुष एक महिला को माफ क्यों नहीं कर सकता? उनका कहना है कि मैं अनुपमा और अनुज की तरह समानता, आधुनिकतावाद और नारीवाद को नहीं समझता हूँ। वह कहता है कि मैं इस समाज का हिस्सा हूं और कोई बड़ा काम नहीं कर रहा हूं और वही कर रहा हूं जो मेरा दिल कह रहा है कि मैं काव्या और इस बच्चे को स्वीकार करूंगा। ये सुन कर अनुपमा के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।

प्रीकैप: अनुपमा अधिक से कहती है कि उसके दुर्व्यवहार और गलतियों को उसकी बेटी से छुपाया जा सकता है, लेकिन उससे नहीं। पाखी काफी कुछ कहती है| अनुपमा कहती है कि गलत जगह पर तुम्हारी चुप्पी बहुत हो गई। पाखी पूछती है कि हम खुश हैं और एक साथ हैं, तुम हमें अलग क्यों करना चाहती हैं। वह कहती है कि अगर तुमने मेरी शादीशुदा जिंदगी में दखल देना बंद नहीं किया तो मैं कुछ ऐसा करूंगी कि तुम्हारे पास पछताने के अलावा कुछ न बचे।

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