Anupama Written Update 21th July 2023

Anupama written update 21th July 2023

समर और डिम्पी दोनो झगड़ा कर रहे है क्यूंकी डिम्पी ने अनुपमा की बात को मीडिया में बता देती है।

समर कहता है घर की बात थी तुम मीडिया को  क्यूं बताई।

डिंपी– समर तुम मेरे पति हो कभी तो मुझे समझो। कभी तो मुझे सपोर्ट करो।

समर – कैसे सपोर्ट करू हर बार तुम ही गलत होती हो।

लीला और सभी लोग वही  खड़े है। लीला कहती है मैं तो जाती हूं कही डिंपी समर का सर वर न फोड़ दे।

हशमुख -लीला से चुपचाप खड़ी रह यहां। 

तोशू–  डिंपी ने तो नाक में दम कर रखा है।

वनराज –तोशु से  तुम तो श्रवण कुमार है न तूने तो मां  बाप को बहुत सारे सुख दिए है।

हशमुख– जो हो गया सो हो गया अब झगड़ा करने का क्या मतलब है।

कव्या– ये बात तो उनदोनो  को भी पता है बाबू जी, लेकिन झगड़ा चीज ही कुछ ऐसी है। सबको पता होता है नही करना चाहिएl इसका कोई फायदा नही है लेकिन फिर भी झगड़ते है।

समर –मम्मी के सपने टूटे है उनकी गुरु मां उनसे नाराज है।एक तुम हो जो प्रेस में जाकर बयाने दे रही हो। आग बुझाने के बजाय भड़का रही हो।

डिंपी बस करो समर। जिसे देखो सुनाने लगता है।ज्ञान बाटने लगता है। 

सबके सामने नीचे कहा था मैंने मीडिया की नही बताई। मैंने उसे कॉल नहीं की थी। उसका कॉल आया था मैंने बस सच बताया। मैंने कुछ गलत नही किया यार।

लीला वनराज  से तू सही कह रहा था अनुपमा और मालती देवी का झगड़ा न हमारे घर पे हो रहा है देख।

किंजल –इनसब की वजह मालती देवी नही डिंपी है।

लीला -वो तो है मालती देवी ने अब तक कुछ किया नहीं है।जब करेगी तो न जाने क्या हाल होगा।

समर-डिंपी मैं तुम्हे एहसान फरामोश नही कहूंगा। इसलिए नहीं की तुम नही हो।सब लोग तुमहे कह कह के थक चुके है।

डिंपी –तुम ये बात छोड़ो।पहले ये बताओ की तुम वापस क्यों आए । तुम कुछ छुपा रहे हो ना समर। क्या हुआ है बोलो।

समर–ऑर्गनाइजर ने कहा है उनके पास पैसे को कमी है।और वो पैसे देने से इंकार कर रहा था इसके लिए मैं आ गया। वो मुझे मौका दे सकते है लेकिन पैसे नही।

डिंपी–और तुम खाली हाथ वापस आ गए।

समर–क्या करता फिर उसने पैसे देने से इंकार कर दिया। क्या मैं उसके सामने भीख मांगता मैं। तभी समर को कॉल आता है और वो बेचैन हो जाता है।

Scene change

इधर सभी लोग छोटी अनु के साथ केक काट कर खुशियां मना रहे है।

बरखा को खुशियां देखी नही जा रही है। वो बोलती है आज का न्यूज पेपर किसी ने देखा क्या। उसका फ्रंट पेज।

अनुज–क्यूं भाभी कुछ खास खबर है क्या।

अनुपमा बोलती है नही कुछ भी खास नही है, आप केक खाइए।

अनुज अनुपमा की बातों को अनसुना कर पेपर देखता है और खबर पढ़ कर गुस्से से आग बबूला हो जाता है।

मैं अभी मीडिया वालो से बात करता है। और मीडिया वालो को कॉल कर खूब सुनाता है। बोलता है कल तक अगर ऑनलाइन और पेपर में माफी नहीं मांगी गई तो कल ही आपके न्यूज पेपर के खिलाफ मान हानी का मुकदमा करूंगा।

Scene change–

वनराज – अरे समर को किसका कॉल आया है अचानक भागते हुए गया है। तोशू बोलता है लगता है अनुज जी ने पेपर पढ़ ली हो और समर को क्लास लेने के लिए बुलाया हो।

किंजल– नही नही अनुज जी ऐसे नही है। जरूर कोई और ही बात होगी।

लीला बोलती – जो भी हो अनुज और अनुपमा को तो डिंपी के बारे में अब तक तो  पता चल ही गया होगा।

हसमुख– अनुपमा पहले से ही दुखी है ये खबर पढ़ेगी तो उसे और बुरा लगेगा।

काव्या–पता नही अनुज अब कैसे रिएक्ट करेगा।

Scene change

अनुज बहुत गुस्सा है और सभी को पता चल गया है ये खबर डिंपी के कारण छपा है। 

अनुज को अनुपमा  शांत करने की  कोशिश करती है।

और बोलती  है डिंपी को घर की बात बाहर नही बोलना चाहिए। पाखी कहती है मम्मी डिंपी को तो मैं समझाऊंगी। अनुपमा  उसे कुछ नही  करने को बोलती है। तू शान्ति रख। पाखी बोलती है मम्मी क्यों नही कहूं।

अनुपमा उसे डांटती है और बोलती है जो  किया है मैने किया । मेरी वजह से हुआ। मैंने अपना गुरु मां का भरोसा तोड़ा है। मैंने फैसला लिया था। इसलिए ये सब हुआ।

अनुज अनुपमा को समझता है, अनु तुम कोई गलती नही की हो रही बात मालती देवी जी की मैं उसकी भरपाई कर दूंगा।

अनुपमा कहती है बात फायदे और नुकसान की नही है। मैंने गुरु का को धोखा दिया है। अनुज बोलता है अच्छा उन्होंने ने तुम्हारे साथ क्या किया है। सबके सामने आ कर उसने तुम्हे थप्पड़ मारा है। तुम बच्ची हो अब तो बच्चे पर भी कोई हाथ नहीं उठता अब।

अनुपमा हाथ जोड़ कर उसे कहती है मेरी गुरु मां को कुछ मत कहिए। पाखी बोलती – मम्मा किसी को इतना रिस्पेक्ट मत की खुद की पर्सनालिटी खत्म हो जाए।

अनुपमा कहती है ज्ञान और शिक्षा तभी पाई जाती है जब आप अपने गुरु को भगवान मानों। मेरे लिए गुरु मां मां समान है। उनका दर्जा मेरे लिए बहुत उपर है।

अगर मेरी मां मूझपे हाथ उठाएगी तो क्या मैं उनसे रिश्ता तोड़ लूंगी। तो गुरु मां से कैसे तोड़ दूं।

अभी वो रूठी हुई है तो मैं उन्हें मनाऊंगी ।

अनुज ठीक है तुम्हे जाना  है मानना है तुम्हे जितना मानन  है मनाओ लेकिन । प्लीज अपनी गुरु मां को अभी मत मानना जब तक वो शांत नही हो जाती। अनुपमा बोलती है उन्हे मनाऊंगी नही तो उनका गुस्सा शांत कैसे होगा। 

अनुपमा एक बात बोलूं आपको बुरा तो नहीं लगेगा। अनुज -बोलो। अनुपमा–जब आप मुझे छोड़ कर चले गए थे तो गुरु मां ने मुझे जीने की वजह दी।  मुझे आगे बढ़ने की उम्मीद दी हिम्मत दी। पैरो में घुंघरू पहले से थी लेकिन उन्हेंने घुंघरुओं ऐसी ताल दी की बजने के साथ हसने भी लगे। मैं हसने लगी। सपने देखने लगी। इतनी बड़ी कलाकार ने मुझे उतराअधिकारी बनाया । मुझे मान दिया मुझे सम्मान दिया। वो चाहती तो नकुल को भी अपना उत्तराधिकारी बना सकती थी न। उसने मुझे चुना क्युकी वो काला के साथ बेइमानी नही करना चाहती थी।कौन ऐसा सोचता है कौन ऐसा करता है। और मैने क्या किया मैने उनके आशीर्वाद का मान नही रखा। मैंने उन्हें इतना बड़ा धोखा दिया।अमेरिका जाने का सपना मेरा था लेकिन इस सपनो को पूरा मेरी गुरु मां कर रही थी।

इतनी अच्छी इतनी ईमानदार गुरु बहुत किस्मत से मिलती है।और ऐसी गुरु को दिया हुआ बच्चन तोड़ दिया। गुरु मां ने तो मेरी दुनिया बदल दी आई मैंने बदले में मैने उनकी दुनिया उजाड़ दी।बर्बाद कर दी। ये जो कुछ भी हुआ उसकी भरपाई करूंगी।ये अनुपमा अगर गलत एक खिलाफ बोलना सीख गई है तो अपनी गलती मानना भी नही भूली है। दूसरो की गलती सबको दिखाई देती है लेकिन अपनी गलती किसी को नही दिखाई देती। मैं गुरु मां से माफी  मांगुगी। माफी मांगने से कोई छोटा नही हो जाता  मैं जाती गुरु मां से बात करने की  कोशिश करती हूं। शायद उनका गुस्सा  शांत हो गया हो हो सकता है मेरी बात सुने। पाखी–अगर नही मानी तो । अनुपमा–तो मैं फिर से कोशिश करूंगी।

मैं कोशिश करती रहूंगी जब तक वो नही मानेगी। सुनिए अनुज से आप जड़ा छोटी को देखेंगे माइ गुरु मां से मिलकर आती हूं।  अनुज ये भी कोई कहने की बात है जाओ जल्दी जाओ।

Scene change– इधर समर कोर्ट वालो से बात कर रहे  है क्युकी उसने डांस एकेडमी और सील करने आ गए। कोर्ट वालो का कहना है की डांस एकेडमी का लाइसेंस नही है। और मैं उसे सील कर रहा हु। आप कोर्ट जाकर ऑर्डर लेकर आईए। अगर आपने मुझे रोकने की  कोसिस की तो आपके खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाएगा। कोर्ट के अगले ऑडर तक ये जगह बंद रहेंगी। आप लाइसेंस के लिए अप्लाई कीजिए तभी आपको इसे खोलने का ऑर्डर मिलेंगे। वनराज –सोचता है ऐसा क्यों लग रहा है की  मालती देवी को लेकर मेरा शक सही साबित हो रहा है।

Scene change

अनुपमा मालती देवी के घर पहुंचती है।

मालती देवी डांस कर रही होती है।

नकुल अनुपमा से बोलता है की अभी मालती देवी से कुछ भी बात न करे क्यूं की अभी माफी मांगने का वक्त नहीं है।

अनुपमा कहती है माफी मानने का कोई वक्त नही होता।

नकुल –तुम मेरी बहन हो और मां मेरी मां तुम दोनो को परेशान होते मैं नही देख सकता।प्लीज रुक जाओ।

अनुपमा -नही रुकुगी कैसे रुक जाऊं । मैं अपने गुरु मां को इस हालत में नही देख सकती। जब तक उनका गुस्सा पिघल नही जाता मैं कोशिश करती रहूंगी।

इधर गुरु मां डांस कर रही है अनुपमा पास जाती है। मालती देवी मन में सोचती है तू माफी मागने आई है।तुम्हारे आने से पहले मैंने पहला वार कर दिया है।

मालती देवी अनुपम से बोलती है तुम्हे माफी मिल सकती है लेकिन तुम्हे एक काम करना होगा। उसे my name is shila गाना पर डांस करने को बोलती है।

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